बलिया के बांसडीह विधानसभा क्षेत्र में नदी कटान की समस्या को लेकर सुल्तानपुर दियारा गांव की छात्रा काव्या सिंह परिहार ने भोजपुरी कविता के जरिए अपनी बात रखी है। कविता का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद क्षेत्र में इसकी चर्चा हो रही है।
काव्या ने वीडियो की शुरुआत में अपना परिचय देते हुए कहा कि वह सुल्तानपुर दियारा गांव की निवासी हैं। उन्होंने बताया कि बांसडीह विधानसभा क्षेत्र के बाढ़ पीड़ितों की परेशानी को लेकर कविता लिखी है। भोजपुरी में लिखी इस कविता के जरिए उन्होंने जनप्रतिनिधियों का ध्यान कटान की समस्या की ओर खींचने की कोशिश की है।
भोजपुरी पंक्तियों में बयां किया कटान पीड़ितों का दर्द
काव्या ने कविता की शुरुआत में कहा, “अंखियां में मरिचा डाल के, झूठहूं के लोरवा पोंछेलू। आपन देह बनावे खातिर, हमहन गरीब के नोचेलू।” आगे उन्होंने बाढ़ में लोगों के घर और जमीन बहने की पीड़ा को शब्द दिए। कविता में उन्होंने जनप्रतिनिधियों पर आरोप लगाते हुए कहा कि बाढ़ से प्रभावित लोगों की जान और उनकी परेशानी को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है।
वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय स्तर पर कविता और उसमें उठाए गए मुद्दों को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
कई इलाकों में नदी कटान बनी चिंता का विषय
बांसडीह विधानसभा क्षेत्र के सुल्तानपुर समेत कई इलाकों में नदी कटान लोगों के लिए गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है। कटान से प्रभावित परिवारों को अपने घर, जमीन और भविष्य की चिंता सता रही है। काव्या ने अपनी कविता के जरिए इसी परेशानी को सामने रखा है।

